Posts

फोटो गैलरी

  माँ भद्रकाली मन्दिर के बारे में ( नीरज कुमार जोशी) माँ भद्रकाली मन्दिर पूर्ण रूप से वैष्णव स्वरूप है, माँ भद्रकाली को ब्रह्मचारिणी के नाम से भी जाना जाता है। तीनो स्वरूपों की पूजा होने के कारण यह परम वैष्णवी स्थान माना जाता है, कुछ स्थान स्वयंभू स्वरूप एवं ज्योतिर्लिंगों के रूप में आदि काल से लिंग स्वरूप या ज्योतिपुंज के रूप में पूजे जाते है। शक्ति की पूजा स्वरुप में माँ सरस्वती, माँ लक्ष्मी, या माँ काली के अलग रूपों में भक्त ,  भद्रकाली  मन्दिर विद्वान योगी लोगों द्वारा पूजा की जाती है। लेकिन भारत वर्ष में एक या दो स्थान ऐसे है, जहाँ पर शक्ति के तीनों स्वरूप एक ही स्थान पर स्वयंभू रूप यानि लिंग स्वरुप में स्थित है, आदि काल से उनकी पूजा उपासना की परम्परा चली आ रही है। भद्रकाली के मन्दिर में आकर माँ के तीनों स्वरूपों महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती की पूजा की जाती है। यहाँ पर तीर्थ यात्री या भक्त जो भी मनोकामना करते है वह अवश्य ही पूर्ण होती है।